आदित्य ठाकरे और रंबल यादव से मुलाकात की।
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महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ठाकरे के सूर्य आदित्य ठाकरे ने बुधवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और फिर नौकर भर्ती कुमार से मुलाकात की। वे तेजस्वी यादव से मिलने राबड़ी आवास पर पहुंचे। इस दौरान तेजस्वी यादव ने आदित्य ठाकरे, यूनीक चतुर्वेदी सहित सभी नेताओं का स्वागत किया। स्वागत के दौरान तेजस्वी यादव ने मिथिला पेंटिंग की शीट और लालू यादव पर दो पुस्तकें आदित्य ठाकरे के खाते में लिखीं। वहीं, आदित्य ठाकरे ने तेजस्वी यादव को एक मराठी शाल और शिवाजी महाराज की मूर्ति उपहार में दी।

बड़े आवास में मुलाकात और बैठक के दौरान बीजेपी की महिला नेता प्रथम चतुर्वेदी और अनिल देसाई भी मौजूद रहे। इसके बाद आदित्य ठाकरे और तेजस्वी यादव बेरोजगार कुमार से मिलने एक अणे मार्ग पर चले गए। सीईओ से मिलने को आदित्य ने प्रबंधकों ने कहा, जबकि राइजिंग से मिलने के बाद उन्होंने कहा कि जॉब और जॉब पर हम साथ मिलकर लड़ाई लड़ रहे हैं। एक सोच के युवाओं का दावा और भाजपा के खिलाफ एकता की मांग है। इस मुलाकात के बाद राजद ने कहा कि दोनों युवा नेताओं की सदस्यता बीजेपी सरकार के लिए खतरे की घंटी है। शाम पौने पांच बजे आवास से निकल आदित्य पुणे एयरपोर्ट के लिए प्रस्थान हो गए। महागठबंधन सरकार के दोनों प्रमुख नेताओं से आदित्य ठाकरे की बैठक के बाद उप तेजस्वी यादव ने कहा कि अभी भी लोकतंत्र को चुनौती की चुनौती हमारे सामने है और इसे बचाने के लिए हमें जो भी बनेंगे, जरूर देंगे।

इससे पहले आदित्य ने मुंबई में कहा कि तेजस्वी यादव मेरी उम्र के हैं। हम हमेशा फोन पर बात करते रहते हैं। जब हम सरकार में थे, तब भी उनसे बात होती थी। जब वह भरोसेमंद थे, तब भी हमारी बातचीत जारी थी। आज हम पहली बार मिलेंगे। हम पर्यावरण, उद्योग, विनाश संकट सहित अच्छे कामों के बारे में चर्चा करेंगे। हालांकि, इस मुलाकात को विरोधी एकता के कवायद के रूप में देखा जा रहा है। बिहार के निवर्तमान कुमार काफी समय से सभी एकता करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, ठाकरे ने महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

बीजेपी ने कहा- तेजस्वी ने लालू से अलग स्टैंड लिया
आदित्य-तेजस्वी की बैठक को लेकर बीजेपी नेताओं का कहना है कि लालू प्रसाद ने हर समय बाल ठाकरे के खिलाफ राजनीति की। उत्तर भारतीयों के खिलाफ भाजपा का स्टैंडू लाल कभी नहीं भाया, लेकिन तेजस्वी यादव अपने पिता से अलग राह पर निकले हैं। आदित्य-नीतीश बैठक को लेकर भाजपा ने कहा कि बिजली कुमार दिल्ली से लेकर देश की परिक्रमा कर गए हैं, लेकिन विपक्षी दलों में भी उन्हें भाव नहीं मिला। ऐसे में इन बैठकों से देश की नरेंद्र मोदी सरकार पर कोई असर नहीं पड़ सकता है।

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महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ठाकरे के सूर्य आदित्य ठाकरे ने बुधवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और फिर नौकर भर्ती कुमार से मुलाकात की। वे तेजस्वी यादव से मिलने राबड़ी आवास पर पहुंचे। इस दौरान तेजस्वी यादव ने आदित्य ठाकरे, यूनीक चतुर्वेदी सहित सभी नेताओं का स्वागत किया। स्वागत के दौरान तेजस्वी यादव ने मिथिला पेंटिंग की शीट और लालू यादव पर दो पुस्तकें आदित्य ठाकरे के खाते में लिखीं। वहीं, आदित्य ठाकरे ने तेजस्वी यादव को एक मराठी शाल और शिवाजी महाराज की मूर्ति उपहार में दी।

बड़े आवास में मुलाकात और बैठक के दौरान बीजेपी की महिला नेता प्रथम चतुर्वेदी और अनिल देसाई भी मौजूद रहे। इसके बाद आदित्य ठाकरे और तेजस्वी यादव बेरोजगार कुमार से मिलने एक अणे मार्ग पर चले गए। सीईओ से मिलने को आदित्य ने प्रबंधकों ने कहा, जबकि राइजिंग से मिलने के बाद उन्होंने कहा कि जॉब और जॉब पर हम साथ मिलकर लड़ाई लड़ रहे हैं। एक सोच के युवाओं का दावा और भाजपा के खिलाफ एकता की मांग है। इस मुलाकात के बाद राजद ने कहा कि दोनों युवा नेताओं की सदस्यता बीजेपी सरकार के लिए खतरे की घंटी है। शाम पौने पांच बजे आवास से निकल आदित्य पुणे एयरपोर्ट के लिए प्रस्थान हो गए। महागठबंधन सरकार के दोनों प्रमुख नेताओं से आदित्य ठाकरे की बैठक के बाद उप तेजस्वी यादव ने कहा कि अभी भी लोकतंत्र को चुनौती की चुनौती हमारे सामने है और इसे बचाने के लिए हमें जो भी बनेंगे, जरूर देंगे।

इससे पहले आदित्य ने मुंबई में कहा कि तेजस्वी यादव मेरी उम्र के हैं। हम हमेशा फोन पर बात करते रहते हैं। जब हम सरकार में थे, तब भी उनसे बात होती थी। जब वह भरोसेमंद थे, तब भी हमारी बातचीत जारी थी। आज हम पहली बार मिलेंगे। हम पर्यावरण, उद्योग, विनाश संकट सहित अच्छे कामों के बारे में चर्चा करेंगे। हालांकि, इस मुलाकात को विरोधी एकता के कवायद के रूप में देखा जा रहा है। बिहार के निवर्तमान कुमार काफी समय से सभी एकता करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, ठाकरे ने महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

बीजेपी ने कहा- तेजस्वी ने लालू से अलग स्टैंड लिया

आदित्य-तेजस्वी की बैठक को लेकर बीजेपी नेताओं का कहना है कि लालू प्रसाद ने हर समय बाल ठाकरे के खिलाफ राजनीति की। उत्तर भारतीयों के खिलाफ भाजपा का स्टैंडू लाल कभी नहीं भाया, लेकिन तेजस्वी यादव अपने पिता से अलग राह पर निकले हैं। आदित्य-नीतीश बैठक को लेकर भाजपा ने कहा कि बिजली कुमार दिल्ली से लेकर देश की परिक्रमा कर गए हैं, लेकिन विपक्षी दलों में भी उन्हें भाव नहीं मिला। ऐसे में इन बैठकों से देश की नरेंद्र मोदी सरकार पर कोई असर नहीं पड़ सकता है।

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