सोने की स्थिति: स्वस्थ रहने के लिए उतनी ही जरूरी अच्छी नींद भी है। नींद पूरी होने से थकान नहीं लगती और दिन भर दिमाग तरोताजा रहता है। वही, अगर रात को सही से नींद न आए तो फिर अगले दिन कई परेशानियां होती हैं। आप ऐसे कई लोग देखे होंगे जिन्हें देखने पर लेटते ही नींद आ जाती है जबकि कुछ लोग लंबे समय तक शोक-उदर पोजीशन खाते रहते हैं। कुछ लोगों की एक फेवरेट पोजीशन भी होती है जिसमें उन्हें जल्दी नींद आती है। कई लोग करवट लेकर सोना पसंद करते हैं, तो कई अकेले सोना पसंद करते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि सोने का सही तरीका क्या है? शायद ही बेहद कम लोग इसके बारे में जानते होंगे. जानिए सोने का सही तरीका क्या है।

दरअसल, हर व्यक्ति की नींद अलग हो सकती है। स्लीपिंग पोजीशन भी कई तरह की होती है जिसमें स्टमक पोजीशन, फ्रीफॉल पॉजिशन, सोल्डर पोजीशन, यार साइड पोजीशन आदि शामिल हैं। ज्यादातर लोग तीन तरह की पोजीशन में सोना पसंद करते हैं। इसमें कमर के बल सोना, पेट के बल और करवट लेकर सोना शामिल है। जानिए सोने का सही पोजीशन क्या है।

ये सही पोजीशन है

विशेष रूप से, करवट लेकर सोना ज्यादा अच्छा माना जाता है। ज्यादातर लोग इसी पोजीशन में रहते हैं। इसलिए भी इसे सोने का सही पोजीशन माना जाता है। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रख्यात स्लिप रिसर्चर विलियम डिमेंट ने नींद पर खोज की तो पाया कि लगभग 54% लोग करवट लेकर सोना पसंद करते हैं। उन्होंने इस खोज के लिए 664 लोगों पर अध्ययन किया था जिसमें से 54% ने करवट लेकर, 33% पीठ के बल और 7% सीधे लेटकर सोए।

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करवट लेकर सोने में भी कुछ देर बाद पोजीशन रुक जाना चाहिए। इससे स्पाइनल कॉर्ड से जुड़ी तकलीफ नहीं होती और कंधे, गर्दन और पीठ में आराम मिलता है। जिन लोगों को करवट लेने की आदत है उनके लिए भी सोना लाभ है।

ये भी सही तरीका है

इसके साथ ही भ्रूण पोजीशन को भी सोने की सही पोजीशन माना जाता है। फेटल पोजीशन भ्रूण जैसी पोजीशन। इसमें शरीर और पैर एक ओर मुड़े होते हैं जिससे पैर और कमर दोनों को आराम मिलता है। अच्छी नींद के लिए इस पोजीशन में सोना श्रेष्ठ माना जाता है। ये पोजीशन और करवट लेकर सोना लगभग एक जैसा ही होता है।

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