दोपहर की झपकी: कुछ लोगों को रात में अच्छी नींद नहीं आती है, जिसके चक्कर में वह दिन के समय कुछ मिनट सोकर करते हैं। एक तरह से दिन में ली गई लाइटलाइट लाइटलाइट रात की खोई नींद को पूरा करने में मदद करती है और एनर्जेटिक और तरोताजा महसूस करती है। लेकिन, किस विशेषज्ञ दिन में खटका की सलाह देते हैं? आज किस दिन में खटका लेना स्वास्थ्य के लिए लाभ है या नहीं?

खटका लेना लाभ है

कई मापदंडों के अनुसार, दोपहर में खटका हमारे मस्तिष्क के लिए लाभ है। लेकिन, इसमें अतिरेक है. जर्नल ऑफ़ द अमेरिकन गेरिएट्रिक्स सोसाइटी में प्रकाशित एक अध्ययन में ये बताया गया है कि एज्ड विस्को में 30 से 90 मिनट की खटका से मस्तिष्क को लाभ मिलता है। लेकिन, 1 घंटे से ज्यादा की नींद से परेशानी भी हो सकती है। कुछ लोगों के लिए दोपहर में खटका लेना एक उदास बटन की तरह काम करता है जिससे वो फिर तरोताजा महसूस करते हैं और पूरे दिन के लिए फिर तैयार हो जाते हैं। भले ही खटका लेने से किसी व्यक्ति की गहरी नींद आने से रोक हो जाती है, लेकिन उसी दिन से आने वाली नींद से राहत और सतर्कता बढ़ जाती है। आर्टेमिस अस्पताल के प्रमुख न्यूरोइंटरवेंशनल सर्जरी और सह-प्रमुख डॉक्टर विपुल गुप्ता ने बताया कि जो लोग दिन के समय खटका नहीं खाते हैं वे अधिक देर तक सोते हैं और गहरी नींद से जागते हैं। मेडीबडी के मेडिकल ऑपरेशन के प्रमुख डॉ गौरी कुलकर्णी ने इस बात पर सहमति जताते हुए कहा कि बिटलाइट लेना निश्चित रूप से व्यक्ति को कई तरह से लाइक कर सकता है।

खटका खाने के फायदे

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-आराम और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा होता है
-थकान, चिंता और तनाव कम होता है
-झपकी के बाद अलर्टनेस बढ़ जाती है
– कार्य क्षमता में वृद्धि होती है
एक अध्ययन में ये बात भी सामने आई कि खटका लेने वाले कर्मचारी कर्मचारियों के लिए विशेष रूप से लाभ ले सकते हैं जो पर्याप्त नींद एक समय पर नहीं ले सकते हैं और जो चिपचिपा समय पर सतर्क रहना पसंद करते हैं।

बहुत मिनटों से ज्यादा की खटका नुकसानदायक

मानकों ने चेतावनी दी है कि यदि दिन में लंबी अवधि के लिए खटका ली जाए तो इस रात की नींद में बाधा डाली जा सकती है। डॉ कुलकर्णी ने बताया कि खटका लेने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि इसे 15 से 20 मिनट छोटा रखें और दोपहर में जल्दी ले लें। ऐसा इसलिए क्योंकि जब आप शाम के समय खटका खाते हैं तो इससे नींद का चक्र प्रभावित होता है और रात में नींद नहीं आती है।

लंबा खटका से ये परेशानियां हो सकती हैं

डॉ गुप्ता ने बताया कि कई नामांकन और शोधों में ये पाया गया है कि वेटलाइट टाइप टू लिम्न, कार्डियोवैस्कुलर नीतियां, मेटाबॉलिज्म सिंड्रोम के खतरे बढ़ जाते हैं।

लंबे खटके से बचने के लिए ये करें

-झपकी में टाइमिंग ही मायने रखता है। कोशिश करें कि खटका लेने से पहले एक अलमक सेट कर दें जिससे आप बहुत देर तक ना सोए रहे।
-कोशिश करें कि दोपहर में आप जल्दी 20 से 30 मिनट की खटका ले लें। यदि आप देर या शाम को खटका खाते हैं तो इससे आपकी रात की नींद डिस्टर्ब हो सकती है।
-झपकी लेने का समय अपना सभी उठा-पटक, आदि को किनारे रखें ताकि जब आप उठे तो फ्रेश और अलर्ट फील करें।
-3 बजे के बाद एल्कोहल और कैफीन का सेवन न करें क्योंकि ऐसा करने से आपकी रात की नींद खराब हो सकती है।

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