ग्राहिराज सिंह ने भी सोशल मीडिया पर लिखा।
– फोटो : सोशल मीडिया

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रोहिणी अंशा की राजनीति अलग और उनके पुत्र अलग। रोहिणी अंशा ने जब अपने पिता लालू प्रसाद यादव को किडनी देने की घोषणा की, तभी से बिहार में उनकी लोकप्रियता का ग्राफ तेजी से बढ़ा। सोमवार को जब सिंगापुर में रोहिणी की किडनी निकाल कर लालू प्रसाद के शरीर में डाली गई तो लोगों ने रोहिणी के बारे में लिखा- “बेटी ने मां की भूमिका अदा की।” बिहार के लोगों के बीच सोशल मीडिया में रोहिणी से ज्यादा किसी की चर्चा नहीं। यहां तक ​​कि मुख्य विरोधी दल और बिहार में अरसे से लालू प्रसाद के खिलाफ राजनीति करने वाले भारतीय जनता पार्टी के भी नेताओं ने एक सुर में रोहिणी की लाड़ली की। कुछ नेताओं ने यह भी लिखा कि चाहे लालू प्रसाद जैसा न हो, लेकिन बेटी रोहिणी जरूर जैसी हो।

आप पर गर्व है, मिसाल बनेंगे आप: ग्राहिराज
बेगूसराय के सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का कभी भी लालू प्रसाद यादव से अच्छा नहीं रहा। लालू प्रसाद उन्हें मौका-बेमौका बहुत कुछ बोल रहे हैं। रोहिणी भी नहीं छोड़ती। लेकिन, ग्राहिणीराज ने सोशल मीडिया पर लिखा- “बेटी हो तो रोहिणी आचार्या जैसी। गर्व है कि आप पर… आप उदाहरण देने वाले कारणों से होते हैं।” गिरिराज सिंह का यह बयान चर्चा में है। वैसे, केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे, राज्यसभा के पूर्व सांसद आर. के. सिन्हा, पूर्व केंद्रीय मंत्री और पाटलिपुत्र से भाजपा सांसद रामकृपाल यादव सहित भाजपा के कई दिग्गजों ने लालू प्रसाद के साथ बेटी रोहिणी आचार्या को शुभकामनाएं सहित आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि आज के युग में एक विवाहित बेटी का इस तरह पिता को जीवनदान देना अनुकृति है।

रोहिणी को राजनीति से जोड़कर नहीं देख रहे लोग
रोहिणी आचार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बिहार के पूर्व सांसद सुशील कुमार मोदी सहित भाजपा के सभी प्रमुख नेताओं के खिलाफ लिख रहे हैं, लेकिन पिता के लिए किडनी दान देने के साथ ही लोग उन्हें राजनीति से अलग अब बेटी के रूप में प्रचार कर रहे हैं हैं। राजद त्राटक ने रोहिणी के सोशल मीडिया अपडेट्स पर बताएं-पुत्री के प्रेम को बेमिसाल वाले पिता ने टिप्पणी की है तो आम आदमी, सोशल मीडिया पर सक्रिय समाजसेवियों और तमाम पार्टियों के छोटे-बड़े फोकस-प्रवक्ता रोहिणी..रोहिणी की गूंज सुन रहे हैं। दधिचि देहदान समिति बिहार के सदस्य और भाजपा महानगर के प्रवक्ता शैलेश महाजन ने कहा कि नेत्रदान सहित अंगदान से लेकर देहदान तक की चाह को रोहिणी आचार्य के गुर्दे दान से बल मिला है। रक्तदान को दर्पण के रूप में पर्दा करने के कारण ब्लडमैन के रूप में प्रसिद्ध मुकेश हिसारिया ने कहा कि रोहिणी आज मिसाल बन गई हैं। अब उन लोगों की आंखें खुलनी चाहिए, जो गर्भ में ही बेटियों की हत्या कर देती हैं।

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रोहिणी अंशा की राजनीति अलग और उनके पुत्र अलग। रोहिणी अंशा ने जब अपने पिता लालू प्रसाद यादव को किडनी देने की घोषणा की, तभी से बिहार में उनकी लोकप्रियता का ग्राफ तेजी से बढ़ा। सोमवार को जब सिंगापुर में रोहिणी की किडनी निकाल कर लालू प्रसाद के शरीर में डाली गई तो लोगों ने रोहिणी के बारे में लिखा- “बेटी ने मां की भूमिका अदा की।” बिहार के लोगों के बीच सोशल मीडिया में रोहिणी से ज्यादा किसी की चर्चा नहीं। यहां तक ​​कि मुख्य विरोधी दल और बिहार में अरसे से लालू प्रसाद के खिलाफ राजनीति करने वाले भारतीय जनता पार्टी के भी नेताओं ने एक सुर में रोहिणी की लाड़ली की। कुछ नेताओं ने यह भी लिखा कि चाहे लालू प्रसाद जैसा न हो, लेकिन बेटी रोहिणी जरूर जैसी हो।

आप पर गर्व है, मिसाल बनेंगे आप: ग्राहिराज

बेगूसराय के सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का कभी भी लालू प्रसाद यादव से अच्छा नहीं रहा। लालू प्रसाद उन्हें मौका-बेमौका बहुत कुछ बोल रहे हैं। रोहिणी भी नहीं छोड़ती। लेकिन, ग्राहिणीराज ने सोशल मीडिया पर लिखा- “बेटी हो तो रोहिणी आचार्या जैसी। गर्व है कि आप पर… आप उदाहरण देने वाले कारणों से होते हैं।” गिरिराज सिंह का यह बयान चर्चा में है। वैसे, केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे, राज्यसभा के पूर्व सांसद आर. के. सिन्हा, पूर्व केंद्रीय मंत्री और पाटलिपुत्र से भाजपा सांसद रामकृपाल यादव सहित भाजपा के कई दिग्गजों ने लालू प्रसाद के साथ बेटी रोहिणी आचार्या को शुभकामनाएं सहित आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि आज के युग में एक विवाहित बेटी का इस तरह पिता को जीवनदान देना अनुकृति है।

रोहिणी को राजनीति से जोड़कर नहीं देख रहे लोग

रोहिणी आचार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बिहार के पूर्व सांसद सुशील कुमार मोदी सहित भाजपा के सभी प्रमुख नेताओं के खिलाफ लिख रहे हैं, लेकिन पिता के लिए किडनी दान देने के साथ ही लोग उन्हें राजनीति से अलग अब बेटी के रूप में प्रचार कर रहे हैं हैं। राजद त्राटक ने रोहिणी के सोशल मीडिया अपडेट्स पर बताएं-पुत्री के प्रेम को बेमिसाल वाले पिता ने टिप्पणी की है तो आम आदमी, सोशल मीडिया पर सक्रिय समाजसेवियों और तमाम पार्टियों के छोटे-बड़े फोकस-प्रवक्ता रोहिणी..रोहिणी की गूंज सुन रहे हैं। दधिचि देहदान समिति बिहार के सदस्य और भाजपा महानगर के प्रवक्ता शैलेश महाजन ने कहा कि नेत्रदान सहित अंगदान से लेकर देहदान तक की चाह को रोहिणी आचार्य के गुर्दे दान से बल मिला है। रक्तदान को चमक के रूप में पर्दा करने के कारण ब्लडमैन के रूप में प्रसिद्ध मुकेश हिसारिया ने कहा कि रोहिणी आज मिसाल बन गई हैं। अब उन लोगों की आंखें खुलनी चाहिए, जो गर्भ में ही बेटियों की हत्या कर देती हैं।

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