रामगढ़40 मिनट पहलेलेखक: पंकज कुमार पाठक

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भाई-भाई के विवाद में फंसा कांग्रेस की साक्षरता

रामगढ़ उप चुनाव में चुनावी रन से पहले घमासान छिड़ा है। सीट का करीबी भाई ही भाई के खिलाफ खड़ा है। कांग्रेस को टिकट के ऐलान से पहले प्राथमिकता की पहचान कर ली जाएगी, जो इस चुनाव में जीत का परचम लहरा सकती है। उम्मीदवार के ऐलान से पहले, बड़े विवाद के फेफड़े चौकियां होंगी। अगर कांग्रेस इसे विवाद को हल करने में सफल रहती है, तो चुनावी रन का रास्ता थोड़ा आसान हो सकता है। अगर इस विवाद का हल कांग्रेस नहीं निकालती, तो इस फूट की वजह से कांग्रेस को बड़ा नुकसान हो सकता है।

हेमंत सोरेन के साथ बजरंग महतो

हेमंत सोरेन के साथ बजरंग महतो

सब तय था, बजरंग ही थे कांग्रेस का चेहरा
कांग्रेस पार्टी की पूर्व विधायक ममता देवी के परिवार में ही फूट पड़ गई है। अभी कांग्रेस ने तय नहीं किया है कि इस सीट पर उनका उम्मीदवार कौन होगा, लेकिन इस सीट पर एक ही पार्टी के दो पहलू साफ आ रहे हैं। रांची में कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक में ममता देवी के पति शामिल हुए। कई नेताओं से मिलते हैं। रामगढ़ उप-चुनाव को लेकर प्रदेश का प्रभार अविनाश पांडेय से भी सवाल किए गए उन्होंने कहा कि पार्टी इस पर विचार कर रही है लेकिन चर्चा तेज थी इस चुनाव में बजरंग महतो ही पार्टी का चेहरा होगा। बजरंग महतो भी पापराजी से बातचीत में यह कह रहे थे कि जो जिम्मेदारी देगी उसकी पार्टी होगी।

अमित महतो ने ठोंकी प्रमाणीकरण

अमित महतो ने ठोंकी प्रमाणीकरण

दावा और गोपनीयता
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर से मिलने एक व्यक्ति पहुंचे, हाथ में आवेदन और दावा करें कि रामगढ़ चुनाव में पार्टी उन्हें चेहरा बनाएं। यह भी दावा किया गया है कि उन्होंने जमीन पर चलकर ममता देवी ने पहले जिला परिषद में विधायक के पद का रास्ता तय किया है। बजरंग महतो के छोटे भाई अमित महतो के दावे और गोपनीयता ने कांग्रेस के लिए नई समस्या खड़ी कर दी। कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक में प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय ने खुद कहा कि चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार को प्रचार का मौका मिलेगा इसलिए जल्द ही रामगढ़ चुनाव में उम्मीदवार की घोषणा की जाएगी। अब पार्टी प्रत्याशी के ऐलान में वक्त ले रही है। दो भाइयों के बीच विवाद को व्यवस्थित करने के बाद ही पार्टी फ्रैंकलिनी चुनावी मैदान में आ सकती है।

राज्य केंद्र स्तर तक पहुंचें
बजरंग महतो के भाई महतो ने प्रदेश अध्यक्ष के साथ-साथ यह चिट्ठी कांग्रेस अध्यक्ष तक पहुंचाई है। इस चिट्ठी में उन्होंने दावा किया कि इस सीट के लिए उन्होंने बहुत काम किया है। रामगढ़ विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारी की घोषणा से पहले पार्टी यह पता कर ले कि अमित महतो कौन है।

कैसे सुलझाएगा विवाद
इस विवाद को व्यवस्थित करने के लिए दोनों पक्षों को होगा। बजरंग महतो कहते हैं कि उनका भाई उनके परिवार से अलग रहता है। उनकी विचारधाराओं में यह षड़यंत्र रचा गया है ताकि चुनाव में जीत हासिल कर सकें। भाई भड़क गया है। दूसरी तरफ अमित महतो इस बात पर अड़े हैं कि इस चुनाव में पार्टी के प्रत्याशी भी वही होंगे। उन्होंने दावा किया है कि मैं चुनाव लड़ूंगा। अमित महतो जिस तरह बयान दे रहे हैं उसे यह साफ लग रहा है कि अगर पार्टी उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाती है तो वह निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। कई मंचों पर उन्होंने यह सफाई दी है।

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