निंकुश कुमार (फ़ाइल)
– फोटो : सोशल मीडिया

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पूर्व मंत्री आरसीपी सिंह ने कहा कि बिहार के लोगों की शराबबंदी खत्म होनी चाहिए। शराबबंदी की वजह से आमदनी का भी काफी नुकसान हो रहा है, लेकिन निकुंकुश कुमार अपना जिद पर अड़े हुए हैं। शराबबंदी की वजह से बिहार के पर्यटकों पर भी असर हो रहा है। जो लोग झारखंड से झारखंड आ रहे हैं, वे रात को रुकते नहीं हैं। वह वापस अपना स्टेट रिटर्न हासिल कर लेते हैं।

आरसीपी सिंह के अलावा बिहार की सरकार में शामिल हुए कांग्रेस और हमने भी शराबबंदी को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने शराबबंदी को लेकर कई बार मांग उठाई है मांझी के साथ-साथ जदयू बोर्ड बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने भी बिहार में शराबबंदी को विफल बताया है। शराबबंदी को लेकर सरकार का दावा है कि शराबबंदी की वजह से बिहार में अपराध में कमी आई है।

शराब की वजह से आए दिन प्रभावित होते रहते हैं जिनमें काफी कमी आई है। बिहार की महिलाएं आपको सुरक्षित महसूस कर रही हैं। शराबबंदी की वजह से महिलाओं पर घरेलू अत्याचार में भी कमी आई है। जिस समय शराब चालू था उन दिनों कई घरों में शराब की वजह से कलह बढ़ गया था। आए दिन घरों में हादसे की घटनाएं हो रही थीं। जिस पर कूट ग्रहण करता है सरकार का दावा है कि शराबबंदी पूरी तरह से सफल है। वह जिम्मेदार का कहना है कि यदि बिहार में पूर्ण रूप से शराब बंदी है तो कैसे शराब बिक रही है और आए दिन बड़ी मात्रा में शराब की जबान हो रही है। ।

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पूर्व मंत्री आरसीपी सिंह ने कहा कि बिहार के लोगों की शराबबंदी खत्म होनी चाहिए। शराबबंदी की वजह से कमाई का भी काफी नुकसान हो रहा है, लेकिन निकुंकुश कुमार अपना जिद पर अड़े हुए हैं। शराबबंदी की वजह से बिहार के पर्यटकों पर भी असर हो रहा है। जो लोग झारखंड से झारखंड आ रहे हैं, वे रात को रुकते नहीं हैं। वह वापस अपना स्टेट रिटर्न हासिल कर लेते हैं।

आरसीपी सिंह के अलावा बिहार की सरकार में शामिल हुए कांग्रेस और हमने भी शराबबंदी को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने शराबबंदी को लेकर कई बार मांग उठाई है मांझी के साथ-साथ जदयू बोर्ड बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने भी बिहार में शराबबंदी को विफल बताया है। शराबबंदी को लेकर सरकार का दावा है कि शराबबंदी की वजह से बिहार में अपराध में कमी आई है।

शराब की वजह से आए दिन प्रभावित होते रहते हैं जिनमें काफी कमी आई है। बिहार की महिलाएं आपको सुरक्षित महसूस कर रही हैं। शराबबंदी की वजह से महिलाओं पर घरेलू अत्याचार में भी कमी आई है। जिस समय शराब चालू था उन दिनों कई घरों में शराब की वजह से कलह बढ़ गया था। आए दिन घरों में हादसे की घटनाएं हो रही थीं। जिस पर कूट ग्रहण करता है सरकार का दावा है कि शराबबंदी पूरी तरह से सफल है। वह जिम्मेदार का कहना है कि यदि बिहार में पूर्ण रूप से शराब बंदी है तो शराब कैसे बिक रही है और आए दिन बड़ी मात्रा में शराब की जबान हो रही है। ।

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