मंत्री आलोक मेहता की ओर से प्राथमिकी के लिए आवेदन दिया गया।
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राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता और भूमि सुधार मंत्री आलोक मेहता ने जिन नंबरों से जातिगत अपशब्द और जान की धमकी देने का आरोप दिया गया, वह दोनों नंबर उत्तर प्रदेश के हैं। ‘अमर उजाला’ ने दोनों पर बात की। नंबर 9648076657 पर कॉल उठाने वाले ने बताया कि “मैं रायबरेली में हूं, मैंने कॉल नहीं किया। जब आलोक मेहता ने मोबाइल नंबर 9140245089 को ब्लॉक कर दिया तो समाजवादी नेता दीपक पांडेय ने मेरे नंबर 9648076657 से कॉल किया।” इससे रैकेट नहीं दिया गया। दीपक पांडेय से बात हुई तो उन्होंने बिहार के मंत्री आलोक मेहता पर भी प्राथमिकी दर्ज की बात कही। कहा कि “जिन ब्राह्मणों की घंटी की बात वह कह रहे हैं या सवर्णों पर हमला कर रहे हैं, आज भी उनका वोट नहीं मांगे तो बात हो। कल हम नहीं होते तो मुगलों ने ही बाकी की तरह उनका भी डीएनए बदल दिया।” ”

सपा नेता ने कहा- हार गई है तो सवर्णों के वोट मत मांगो

दिव्यांग सिंह की समाजवादी पार्टी में उत्तर प्रदेश के प्रदेश के सचिव के रूप में अपनी पहचान वाले दीपक पांडेय ने बताया कि मुझे मंत्री के लोग कल से अब तक कॉल कर लगातार धमाका कर रहे हैं। पांडेय ने कहा कि जिन 10 प्रतिशत लोगों पर बिजली-तेजस्वी के मंत्री आलोक मेहता आक्रमण कर रहे हैं, वह नहीं होते तो यह देश ही नहीं बचता। कहा- “हर धर्म का सम्मान करो। किसी व्यक्ति को कोई परेशानी हो तो समझ में आता है, लेकिन पूरे समाज से परेशानी हो तो साफ कह दें कि वोट नहीं मांगेंगे। अपनी बिरादरी में अगर वे अपनी आकूट संपत्ति से अपनी जाति के लोगों का कल्याण करें तो बताएं। पढ़ाई-लिखाई के लिए कुछ करें तो बताएं। जाति की बात करते हैं। सवर्णों-ब्राह्मणों को गाली देते हैं और भूल जाते हैं कि हम नहीं होते हैं तो हर दिन सवाल लाख जनेऊ को खराब करते हुए नाश्ता नहीं करने वाला दुर्दांत मुगलों के साथ क्या करते हैं और आज यह बोलने वाले किस डीएनए के होते हैं! ये वयस्क नेता बनते हैं, क्योंकि लोग इनके पीछे हैं। और अगर मोर्चा खुल रहा है तो हार के साथ सवर्णों के खिलाफ राजनीति में कूदकर दिखाओ। आपकी आका ही कुर्सी खुली हुई स्थिति।”

समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता प्राथमिकी करेंगे

समाजवादी नेता दीपक पांडेय ने कहा कि मैंने सिर्फ स्पष्टीकरण के लिए कॉल किया था। यह जानना चाहता था कि जिम्मेदार पद पर सवर्णों को वह इस तरह के अपशब्द कैसे कह सकते हैं। इस पर जवाब मिला कि “कहेंगे, बताओ क्या करोगे?” इसी बात पर बहस हुई तो मंत्री ने कॉल उठा बंद कर दिया। इस पर दूसरे नंबर से कॉल किया तो उससे बात नहीं हो सकी। अब आपसे जानकारी मिल रही है कि इस बात पर प्राथमिकी दर्ज की गई है तो मेरी बहस से ज्यादा बड़ा बहाना है उनका दिया गया बयान उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता ऐसे जातिवादी बयानों के प्रतिकार के रूप में प्राथमिक दर्ज करेंगे।

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