21 मिनट पहले

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बड़ा खुलासा सीए सुमन कुमार के घर से ज़ब्त

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार सीए सुमन कुमार सिंह के कई सहयोगियों से पूछताछ में ईडी का बड़ा मार्कर मिला है। ईडी को इस पूछताछ में पता चला है कि सीए सुमन कुमार के ठिकानों से 19.76 करोड़ रुपए फर्म या टैक्स व्यापारी के पास नहीं हैं। अब सवाल है कि ये पैसे हैं, कहां से आए थे और कहां जाने वाले थे?

सीए सुमन कुमार ने माना था कि पैसे जिला खनन अधिकारियों से मिले थे
ईडी इस सवाल का जवाब मांग रहा है, लेकिन सुमन ने एडी को दिए गए ज़ब्त रुपये का एक हिस्सा ज़िला खनन अधिकारियों से मिलने की बात स्वीकार कर ली थी। करार के साथ ही पीएमएलए की धारा-50 के अपने जमा प्रमाणपत्र दर्ज किए गए थे। बाद में सीए ने पीएमएलए कोर्ट में एक आवेदन देकर दावा किया था कि पैसा उसकी फर्म और उसके ग्राहक हैं। ईडी ने उसे प्रभावित किया जबरन ने दिलवाया बयान दिया। इस दावे के बाद ईडी ने इस मामले में कई लोगों से पूछताछ की है। ईडी ने जांच में यह पाया है कि सुमन कुमार द्वारा इस दावे को पूरी तरह गलत किया गया है।
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टेक्सर्स के लिए पैसा नहीं है
सीए सुमन कुमार के सात भागीदारों ने ईडी को अपने बयान दिए हैं, जिसमें कहा गया है कि मनरेगा घोटाले में छापामारी के दौरान सीए सुमन कुमार के आधार से ईडी ने 19.76 करोड़ रुपये टैक्स के लिए नहीं थे। ईडी ने उन लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया था जिनमें राहुल गौतम, अभिषेक कुमार जैन, प्रशांत कुमार, दीपक जावा, हरिकांत वत्स, अनीस जैन और जय प्रकाश झा शामिल हैं। सभी अभिनेताओं ने यह बात स्वीकार की है कि फर्मों में लगे हुए हैं, काम करने वाले आदि का रिटर्न करने का काम किया जाता है। इन कार्यों के लिए अनुदान के रूप में छोटी राशि नकद ली जाती है। फर्म में किसी भी टैक्स व्यापारी से भारी कैश राशि वो भी कैश कभी नहीं ली जाएगी।

सुमन के अटके से ज़ब्त रुपयों का संबंध फर्म या किसी ग्राहक से नहीं है। किसी भी कलाकार को इस बात की जानकारी नहीं है कि नकदी के रूप में इतनी बड़ी रकम कहां से आई इन रुपयों के ग्राहकों के होने की बात पूरी तरह गलत है। इस पूछताछ के बाद ईडी के पास अब सीए सुमन कुमार के बयानों के खिलाफ कथित सबूत हो गए हैं।

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