नई दिल्ली: ‘पार्टीगेट’ मामले में फंसे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ रहा है। अगर जॉनसन 359 कंजर्वेटिव सांसदों के बीच एक वोट में हार जाते हैं, तो उन्हें प्रधान मंत्री के रूप में हटा दिया जाएगा। वहीं अगर वह जीत जाते हैं तो उनके एक साल और पद पर बने रहने का रास्ता साफ हो जाएगा। जॉनसन पर आरोप है कि जब कोरोना वायरस के चलते पूरे ब्रिटेन में लॉकडाउन और सख्त पाबंदियां लगाई गई थीं तब उन्होंने हाउस पार्टी की थी। इस पूरी घटना को ब्रिटेन में पार्टीगेट स्कैंडल नाम दिया गया था।

पार्टीगेट मामले में जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ब्रिटेन की सत्तारूढ़ कंजरवेटिव पार्टी के 40 से अधिक सांसदों ने बोरिस जॉनसन के इस्तीफे की मांग की है। इन सांसदों ने आरोप लगाया है कि जॉनसन ने इन पार्टियों को प्रधानमंत्री आवास (डाउनिंग स्ट्रीट) पर होने दिया और वह खुद इनमें शामिल हुए. MyGov के एक सर्वे में देश के 64 फीसदी लोगों ने उनका इस्तीफा मांगा है.

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पार्टीगेट कांड में पुलिस ने जांच कर कहा- हमने 83 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. इन लोगों पर 126 जुर्माना लगाया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस कांड में ज्यादातर कनिष्ठ अधिकारी शामिल थे.

जॉनसन के खिलाफ अगर अविश्वास प्रस्ताव पास होता है तो उन्हें प्रधानमंत्री पद से हटा दिया जाएगा। वहीं अविश्वास प्रस्ताव का मामला सामने आते ही ऐसे नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं जो प्रधानमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे हैं. इसमें सबसे बड़ा नाम एलिजाबेथ लिज़ ट्रस का है जो मौजूदा सरकार में विदेश सचिव हैं। इसके अलावा दौड़ में जेरेमी हंट, ऋषि सनक, नदीम जाहवी और पेनी मॉडर्न का भी नाम शामिल है।

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