सरायकेला खरसावां26 मिनट पहले

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नग्न अवस्था में पेड़ पर लटका मिला महिला का शव

महिला का शव अवस्था में रास्ते में पेड़ पर लटका मिला। जिसने भी इस शव को देखा वह हैरान रह गया। घटना सरायकेला खरसावां की है। चौका थाना क्षेत्र से लापता महिला का शव अचानक चौका-कांडरा मार्ग पर झूटा मिला। पुलिस भी इस हत्याकांड को लेकर हैरान है।

बेटे पर लगाए आरोप गांव वाले मां को बयान थे डायन
पासपोर्ट के शव की पहचान हो जाएगी। बेटे राकेश महतो ने शव की शिनाख्त की। पदका की पहचान उनकी ग्रथ से ग्रसित के समान नामों को लटकाया गया था। इस मामले में आरोप लगाया गया है कि गांव के ही कुछ लोग उसकी मां पर डायन होने के आरोप थे। गांव में कई बार इसे लेकर सामन टूट चुका है। बेटे को शक है कि उसकी मां की हत्या कर पेड़ में डाल दी गई है।
कई दिनों से घर से गायब था
वृत्त चंदना महतो की उम्र लगभग 40 साल थी। वह चौका थाना क्षेत्र के मातकमडीह गांव की रहने वाली थी। पुलिस को ऐसी ही इस घटना के संबंध में जानकारी मिली कांड्रा के सभी निरीक्षक चंदन कुमार, एएसआई बीएन संदेश भेजने पहुंचे। शव को साइट के लिए सरायकेला सदर अस्पताल भेज दिया गया, जहां से शव के लिए एमजीएम भेजा गया। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
पुलिस ने कहा, हम इस मामले की जांच कर रहे हैं
कांड्रा पर्यवेक्षक राजेंद्र महतो ने कहा, पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है। रिपोर्ट के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। महिला 25 दिसंबर से मातकमडीह स्थित अपने घर से गायब थी। जिसके संबंध में चौका थाना में गुमशुदगी का मामला दर्ज हुआ था। पुलिस इसकी भी जानकारी दे रही है कि इतना महिला दिवस कहां था। इस संबंध में गांव के कई लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।

सरकार लेकर आए कानून क्या कम हो रहे हैं
डायन कुप्रथा को लेकर सरकार कानून लेकर आया है। कई प्रावधान हैं इसके बाद भी इस तरह के मामले कम नहीं हो रहे हैं। साल 2021 के आंकड़ों के मुताबिक झारखंड में 2 से ज्यादा मामले डायन-बिसाही के होते हैं। इस हफ्ते में 10 से ज्यादा हो जाते हैं। डायन-बिसाही की वजह से साल में 50 से ज्यादा लोगों को जान जानी पड़ती है। इनमें से अधिकतर महिलाएँ शामिल होती हैं। इसका सीधा अर्थ है कि महीने में 4 लोगों की जान डायन-बिसाही की वजह से जाती है। यह आंकड़े हैरान कर देते हैं लेकिन इस तरह की हत्या और गांव में डायन कुप्रथा के आगे बढ़ने का मामला इस आंकड़े की हवाही देते हैं।

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