43 मिनट पहले

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तीन बच्चों की मां ने दिया जहर, एक की मौत

प्रेग्नेंट सौतेली मां ने अपने तीन बच्चों को खाने में जहर दे दिया। एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से बीमार हैं और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। घटना गिरिडीह के तिसरी थाना क्षेत्र के तहत गड़कुरा पंचायत के रोहनटांड़ की है। मां के अलग होने के बाद पहली बार सौतली मां अपने हाथों से तीनों बच्चों को खाना खिला रही थी। खाने का स्वाद अच्छा नहीं था इसके बावजूद दो बच्चों ने मां के हाथों से पेट भरकर खाना खाया लेकिन उन्हें पता था कि मां खाने में जहर मिलाकर खिला रही है।

मां ने तीन बच्चों को मारने की कोशिश की

एक बच्चे की मौत होने के बाद पूरे इलाके में चिंता है कि कैसे एक मां अपने तीन बच्चों को मारने की कोशिश कर सकती है। रोहतांड़ गांव के रहने वाले सुनील सोरेन की पहली पत्नी जेन मरांडी की मौत हो गई थी। पहली पत्नी से सुनील के चार बच्चे हैं। पत्नी की मौत के बाद सुनील ने दूसरी शादी कर ली। सुनीता हांसदा से हुई शादी के बाद सुनीता को सजा हुई, दूसरी पत्नी सुनीता के साथ रोहनटांड़ में अपने घर पर रहती थीं।
पति के काम की तलाश में गए थे बैंगलोर
सुनीता के बच्चों को उनके दादा-दादी के पास छोड़कर अपने पति के साथ गोरियाचुंह गए हुए उनके मायका हैं।दुर्गापूजा के बाद सुनीला सोरेन काम की तलाश में बैंगलोर चले गए। पत्नी को हमेशा चिंता रहती थी कि यह बच्चा हमेशा बीच में दीवार की तरह रहेगा, पति अपने सभी बच्चों से खूब प्यार करते थे जिसे देखकर सुनीता हमेशा दुखी रहती थी।
बच्चों के मनपसंद खाने में मिला दिया जहर
पति के बैंगलोर जाने के बाद वह एक दिन बच्चों से मिलने के सारे समूह रोहनटांड़ स्थित अपना सुसुराल आ गई। बच्चों से खूब प्यार से बात की और उनके मनपसंद का खाना बनाने की बात पिछले दो दिनों से दादा और दादी घर पर नहीं थे। बच्चों के लिए यह खुशी की बात है कि वह चिकन लेकर आए और उनके लिए बनाने लगे। इस चिकन में उसने जहर मिला दिया।

बच्चों के लिए बनाया था चिकन

सुबह लगभग 10 बजे सुनीता ने चावल और कॉक बनाया और उसने सौतेले बेटे 3 वर्ष अक्षय सोरेन, 8 वर्ष शंकर सोरेन और 12 वर्ष विजय सोरेन को चावल और मुर्गा में जहर मिलाकर अपने हाथों से खिला दिया, खाने का स्वाद अच्छा नहीं था तो विजय ने भोजन से इनकार कर दिया लेकिन अनिल और शंकर मां के हाथ से खाना खाते रहे, बहुत लंबे समय के बाद उन्हें मां का प्यार मिल रहा था। खाने के कुछ देर बाद ही अनिल की तबीयत बिगड़ने लगी। इसके ठीक बाद शंकर सोरेन की भी हालत बिगड़ने लगी। तबीयत बिगड़ने के बाद बच्चों को मां भाभी छोड़ दें। आसपास के लोगों ने तुरंत बच्चों को अस्पताल में भर्ती दावों का पता लगाया जहां उनका इलाज चल रहा है।

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