रांची36 मिनट पहले

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तस्करों के शिकार झारखंड के 14 बच्चे मुक्त

मानव तस्करों के शिकार बने झारखंड के 14 बच्चों को दिल्ली से मुक्‍त किया गया है। झारखंड के कई नेटवर्क में अब भी मानव तस्कर गतिविधियां हैं। राज्य सरकार प्रशासन और गैस सरकारी संगठन लगातार मानव तस्करों के खिलाफ अभियान चला रहा है। मानव तस्करों के शिकार बच्चे फिर से शिकार न बने रहने की कोशिश भी नए सिरे से कर रहे हैं। झारखंड के साहेबगंज जिले के 3 लड़के और 11 बच्चों की पहचान को दिल्ली में मुक्त किया गया है।

बच्ची का अपहरण कर लाया गया था दिल्ली
इन बच्चों से काउंसलिंग के दौरान पता चला कि उनके गांव की एक 12 साल की बच्ची का एक व्यक्ति एक साल पहले अपहरण करके आया था। दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में उसे काम के लिए घर के काम के लिए जाम दिया गया था, लड़की ने विरोध किया तो उसे रेड लाइट एरिया में ले जाकर बेच दिया।

घर के काम से किया इनकार तो रेड लाइट टेररिस्ट में बेच दिया
लड़की इस पड़ोसी से किसी तरह का मौका देखकर झिड़की देखकर यात्रियों में सफल हो रही है। ऑटो वाले की मदद से पुलिस स्टेशन पहुंचे और पूरी बात बताएं। झारखंड भवन से समन्वय स्थापित किया गया और बच्ची के घर का पता लगाया गया। बच्ची की मां का देहांत हो गया है और पिता ने दूसरी शादी कर ली है।

टोल फ्री नंबर – 10582 पर संपर्क करें
मानव तस्करी पर झारखंड सरकार और महिला एवं बाल विकास विभाग लंबे समय से साथ मिलकर काम कर रहे हैं। दिल्ली में इंटीग्रेटेड रिहैबिलिटेशन रिसोर्स सेंटर चल रहा है। टोल फ्री नंबर – 10582 भी जारी किया गया है ताकि इस संबंध में किसी के पास कोई जानकारी हो तो इस नंबर पर ऐसा किया जा सके। यह नंबर 24 घंटे सातों दिन कार्य करता है। इसकी नोडल ऑफिसर श्रीमती नचिकेता ने बताया कि दिल्ली एवं उसके निकटवर्ती सीमा क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

इसी क्रम में हमें इस बार बड़ी संभावनाएँ मिली हैं। साहेबगंज जिले के 14 बच्चों में से 09 बच्चों को दिल्ली पुलिस के सहयोग से दिल्ली की सीमावर्ती क्षेत्र हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश से मुक्त दावा किया गया है। पिछले 06 दिनों से दिल्ली में था और आज 14 बच्चों के साथ वापस ट्रेन से झारखंड लौट रहे हैं है। जिला बाल संरक्षण ट्रस्ट द्वारा यह जानकारी दी गई है कि इन सभी बच्चों को सरकार झारखंड की विभिन्न योजनाओं से लेकर उनकी सतत निगरानी की जाएगी, ताकि ये बच्चे वापस मानव तस्करता का शिकार न हों पाएँ।

आज भी सक्रिय है मानव तस्कर के दलाल

झारखंड में ऐसे दलाल बहुत सक्रिय हैं, जो छोटे बच्चों को बहला-फुसलाकर अच्छी जिंदगी आजीविका का लालच देकर उन्हें दिल्ली ले आते हैं। इन्हें घर के काम में लगाया जाता है या रेड लाइट से देह व्यापार में डाला जाता है। ऐसे मामलों में ज़्यादातर पाया गया है कि बच्चा अपने माता-पिता पिता, अपनी सहमति की सहमति से ही दलालों के चंगुल में फँसकर मानव तस्कर का शिकार बन जाता है। समाज कल्याण महिला बाल विकास विभाग के निर्देशानुसार झारखंड भेजे गए बच्चों को जिले में संचालित कल्याणकारी योजनाएं, प्रायोजन, फॉस्टरकेयर, कस्तूरबा गांधी साक्षी बालिका विद्यालय से उनकी ग्राम बाल संरक्षण समिति (वीएलसीपीसी) के माध्यम से सतत निगरानी की जाएगी।

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