सीवान18 पहली

खेत की बिक्री ना होने पर चारा के रूप में किसान।

खराब होने की स्थिति में होने की स्थिति में भी ऐसा होता है। इस वर्ष की अवधि में वृद्धि हुई है। कृषि रोग की स्थिति प्रतिरोधी है। गुजरात के महाराजागंज प्रखंड के धोबलिया गांव के कृषि सब्जी की खेती है। हर किसान की किसान साल की खेती में भिन्न होता है। इस बार के लिए लागत लागत पर भी खर्च हो रहा है। संकट पैदा करने वाली आपदा है।

मिलान के समय पर लागत लागत भी नहीं हो रही है।

मिलान के समय पर लागत लागत भी नहीं हो रही है।

धुरबव्लीय कुशवाहा, कृष्ट कुशवाहा, दीप्तों, नाग प्रसाद, विकाश प्रसाद, राहुल कुशवाहा ने इस बार इस बार इस बार 30 से 30 के बीच सिमट कर रहे हैं।

कैना भाव

  • लुकी- 3-4 पलिंग
  • करेला- 8
  • घेवाड़ा- 3 अरब
  • भिंडी- 4
  • बरबट्टी- 3-4 अरब डॉलर
  • खीरा- 14-16 अरब
  • मरीचा- 20 अरब
  • तरोई- 12 अरब
  • परवल- 30 घंटे।

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