झारखंड के सहायक अध्यापक (पारा शिक्षक) जाली सर्टिफिकेट पर भी काम कर रहे हैं, इसका खुलासा होने लगा है। इसकी वजह से कोई नौकरी छोड़ रहा है तो कोई अपने प्रमाणपत्रों की जांच ही नहीं करा रहा।



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