बेरिएट्रिक सर्जरी लाभ: मोटापे की बीमारी में बेशक नहीं संपर्क किया जाता है। लेकिन यह उससे कम भी नहीं है। घबराहट से कई लोगों की बॉडी में घर करने लगती हैं। हद से ज्यादा मोटापा बढ़ने पर, गठिया, हाईपर टेंशन, हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी कई बीमारियां जन्म लेने लगती हैं। डॉक्टर मोटापा कम करने के लिए डाइट कम करें और तेज कदमों से घूमना, व्यायाम, योग करने की सलाह दें। लेकिन कई बार मोटापा इतना अधिक हो जाता है कि व्यक्ति कुछ कर ही नहीं पाता तो उसके लिए भी विज्ञान संभावना बना लेता है। सर्जरी की मदद से मोटा होने को मोटा कर दिया जाता है। हालांकि इसके कई डैमेज भी हैं। आइए जानते हैं इसी सर्जरी के बारे में

बैरिएट्रिक सर्जरी क्या होती है
डॉक्टरों का कहना है कि बैरिएट्रिक सर्जरी से अधिक लोग कंकड़ हो जाते हैं। ऐसा ऑपरेशन की मदद से होता है। लैप्रोस्कोपिक सर्जरी से पेट और आंत का ऑपरेशन होता है। इसमें पेट को छोटा कर दिया जाता है। पेट छोटा होने के कारण किसी व्यक्ति को अधिक भोजन की आवश्यकता नहीं होती है। ऑपरेशन के तहत आंतों को इस तरह से रीरेंज किया जाता है, ताकि वो कम से कम भोजन को अवशोषित कर सके।

बैरिएट्रिक सर्जरी कब की जाती है
डॉक्टर पहले व्यक्ति को खाना कम करने की सलाह देते हैं। टहलकर, दौड़कर, व्यायाम या योग से मोटापा कम करने की सलाह दें। ऐसे न होने पर ऑपरेशन के लिए कहा जाता है।

क्या है फायदा और नुकसान
बैरिएट्रिक सर्जरी होने के बाद व्यक्ति का हर महीने 6 से 8 किलोग्राम वजन कम होता है। वजन सही होने से नींद की बीमारी, टाइप 2 लमन खत्म होने की संभावना अधिक होती है। हाई ब्लड प्रेशर की समस्या तो उससे भी संबंधित मिल सकती है। लिपफ स्टाइल में सुधार होने लगता है। पर्सनेलाइट भी आकर्षित हो जाती है। यह नुकसान अनुभवी या कुशल डॉक्टर से ऑपरेशन न करने पर जानलेवा हो सकता है। कई मामलों में ऐसा देखने को मिला है। इसलिए जरूरी है कि पहले डॉक्टर से कंसल्ट करें। कुछ लोग बैरिएट्रिक सर्जरी के खर्चे की जानकारी को लेकर उतावले रहते हैं तो इस सर्जरी को लेकर 2 से लाख रुपये तक खर्चा आता है।

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