राज्य आदर्श स्कूल में आयोजित धर्म सभा में उपसिथत पुरी पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वा?

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करनाल में पुरी पीठाधीश्वर शंकर स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि हिंदू धर्म परिवर्तन करने वालों को फांसी की सजा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि देश व प्रदेश के राजा की हींता के कारण ही धर्म परिवर्तन होता है। इसके लिए राजनेता ही जिम्मेदार हैं। उनके शाह के बिना धर्म परिवर्तन नहीं किया जा सकता। स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज दो दिन के लिए प्रवास पर हैं। मंगलवार को उन्होंने शहर में शिरकत के विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया।

स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा है कि हिंदू का लक्ष्य अखंड भारत है, ताकि सभी को प्यार और सम्मान मिले। हिंदू को लक्ष्य से दूर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि गोहत्या और धर्म परिवर्तन के लिए राजा समान योग्यता है। गो रक्षकों को गुंडा कहना गलत है। उन्होंने कहा कि राजनीति धर्म के प्रति असंवेदनशील हो जाएगा।

देश में राज धर्म का प्रयोग धर्म के अनुसार होता है। राजनीति और धर्म एक-दूसरे के पर्याय हैं। अधर्मी राजा हमेशा देश और समाज के लिए खतरनाक होता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों की उम्र दो सौ साल से अधिक नहीं है, लेकिन गुरु और सनातन परंपरा एक अरब 97 करोड़ 29 लाख 49 हजार एक सौ 22 साल पुरानी है।

राजनेताओं व्यास से ऊपर नहीं
स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि कोई भी संस्थान या राजनेता पीठ से ऊपर नहीं होता है। प्रधानमंत्री मोदी और योगी आदित्यनाथ उनके प्रिय हैं, लेकिन वे उनसे भी परे नहीं हैं। हिंदू का साकार होना संसार के हित में है। सनातन धर्म और वैदिक संस्कृति संसार के उद्गम के साथ ही शुरू हो गई थी। हिंदू संस्कृति के तहत विज्ञान और राष्ट्र के उत्कर्ष के साथ अखंड भारत का संदर्भ विश्व के हित में है, जो अहंकारी के वशीभूति जो काम करते हैं वही, विफल होता है। संत को धन की आशक्ति से दूर रहना चाहिए।

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करनाल में पुरी पीठाधीश्वर शंकर स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि हिंदू धर्म परिवर्तन करने वालों को फांसी की सजा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि देश व प्रदेश के राजा की हींता के कारण ही धर्म परिवर्तन होता है। इसके लिए राजनेता ही जिम्मेदार हैं। उनके शाह के बिना धर्म परिवर्तन नहीं किया जा सकता। स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज दो दिन के लिए प्रवास पर हैं। मंगलवार को उन्होंने शहर में शिरकत के विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया।

स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा है कि हिंदू का लक्ष्य अखंड भारत है, ताकि सभी को प्यार और सम्मान मिले। हिंदू को लक्ष्य से दूर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि गोहत्या और धर्म परिवर्तन के लिए राजा समान योग्यता है। गो रक्षकों को गुंडा कहना गलत है। उन्होंने कहा कि राजनीति धर्म के प्रति असंवेदनशील हो जाएगा।

देश में राज धर्म का प्रयोग धर्म के अनुसार होता है। राजनीति और धर्म एक-दूसरे के पर्याय हैं। अधर्मी राजा हमेशा देश और समाज के लिए खतरनाक होता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों की उम्र दो सौ साल से अधिक नहीं है, लेकिन गुरु और सनातन परंपरा एक अरब 97 करोड़ 29 लाख 49 हजार एक सौ 22 साल पुरानी है।

राजनेताओं व्यास से ऊपर नहीं

स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि कोई भी संस्थान या राजनेता पीठ से ऊपर नहीं होता है। प्रधानमंत्री मोदी और योगी आदित्यनाथ उनके प्रिय हैं, लेकिन वे उनसे भी परे नहीं हैं। हिंदू का साकार होना संसार के हित में है। सनातन धर्म और वैदिक संस्कृति संसार के उद्गम के साथ ही शुरू हो गई थी। हिंदू संस्कृति के तहत विज्ञान और राष्ट्र के उत्कर्ष के साथ अखंड भारत का संदर्भ विश्व के हित में है, जो अहंकारी के वशीभूति जो काम करते हैं वही, विफल होता है। संत को धन की आशक्ति से दूर रहना चाहिए।

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