पटना24 मिनट पहले

उषा की फाइल फोटो।

उषा लाकड़ा की आत्महत्या मामले में पुलिस को बड़ी उपलब्धि मिली है। उषा लकड़ा आत्महत्या की मुख्य घटना अमित टोपो को पूना पुलिस गुमला पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी की घटना लगभग 150 दिन बाद पाई हो जाती है। पूर्व पुलिस ने अमित को गुमला स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर गुमला में ही रखा है। पूर्व पुलिस कागजी प्रक्रिया पूरी कर को अमित अपने साथ नोएडा ले कर आ रही है।

उषा के घर वाले पुलिस पर आरोप रहे थे कि पुलिस जान बूझकर अमित को गिरफ्तार करने में नईकानी कर रही है। जब पुलिस ने दूसरे राज्य का मामला बताया तो वरिष्ठ अधिकारियों ने मिशन संबंधी मामलों में अमित को गिरफ्तार कर लिया।

अमित की फाइल फोटो।

उसी उषा की मां ने रोज भास्कर से बात कर अमित की गिरफ्तारी पर कहा कि पुलिस द्वारा देरी से काफी बेचैनी हो गई थी, हिम्मत जवाब दिया था। गुमला से कई बार गुजरना पड़ा। एक तो बेटी के जाने का दुख तो दूसरी तरफ चक्कर के खुले आम चक्कर देख पुलिस पर भरोसा उठ गया। लेकिन आज गिरफ्तारी की खबर के बाद अंदाजा लगा। मैं अब अपनी बेटी के साथ कानून के न्यायधीशों पर भरोसा करता हूं।

उषा की बुर्जुग मां को अब न्याय की गारंटी है। उषा लकड़ा मामले की आईवो फुलवारी थानों की दारोगा अन्नु प्रिया ने बताया कि अमित को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गिरफ्तारी में गुमला टाउन का चार्ज विनोद कुमार की भी बड़ी भूमिका है।

पूरा मामला 22 जून का है। जब पूर्वा एम्स की नर्सिंग स्टाफ उषा ने अपने दोस्त से तंग आकर अपनी जान दे दी थी। अमित लकड़ा का दोस्त टोपो उषा को लगातार परेशान करता था। उसे बर्बाद करने की धमकी देता था। हमेशा लड़ाई साम करता था, गली गलौज करता था। उषा के दोस्तों ने बताया था की अमित से तंग आ कर उषा ने जान दी थी।

इसलिए ही नहीं उषा ने अपने सुसाइड नोट में अपनी मौत का कारण अमित टोपीओं को फ्रीज किए हुए अमित के नाम के साथ अमित की मां का भी नाम लिखा था। ताकि अमित को किसी तरह का कोई भ्रम ना हो।

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